राज्य में 1 अप्रैल से शुरू होगा सुजलाम सुफलाम जल अभियान का चौथा चरण

अहमदाबाद | गुजरात को पानीदार यानी जल अधिशेष राज्य बनाकर जल समृद्ध गुजरात की प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री विजय रूपाणी द्वारा शुरू किए गए सुजलाम सुफलाम जल अभियान का चौथा चरण 1 अप्रैल, 2021 से प्रारंभ होगा। मुख्यमंत्री ने राज्य के जल संसाधन विभाग को आगामी 1 अप्रैल से 31 मई, 2021 के दौरान इस राज्यव्यापी अभियान को शुरू करने की मंजूरी प्रदान की है। इस अभियान के अंतर्गत तालाबों को गहरा करना, मौजूदा चेक डैम की गाद निकालना और उनकी मरम्मत करना, जलाशयों की गाद निकालना, तालाबों की पाल और वेस्ट वीयर का मजबूतीकरण, नहरों की साफ-सफाई, मरम्मत और रखरखाव तथा नदी, नालों और नहरों की साफ-सफाई कर पुनर्जीवित करने जैसे जल संग्रहण के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी द्वारा वर्ष 2018 से राज्य में शुरू कराए गए सुजलाम सुफलाम जल अभियान के तहत पिछले 3 साल में राज्यभर में जल संग्रहण स्रोत की साफ-सफाई और वृद्धि करने के कार्यों के अंतर्गत 16,170 तालाबों को गहरा किया गया है। इतना ही नहीं, 8107 चेक डैम और 462 जलाशयों की गाद निकालने, 2239 चेक डैमों की मरम्मत, 568 नए तालाबों का निर्माण और 1079 नए चेक डैमों के निर्माण सहित कुल मिलाकर 41,488 कार्य किए गए हैं। इसके अलावा, 38,323 किलोमीटर लंबी नहरों की और 5113 किलोमीटर लंबी नहरों की सफाई की गई है। इन सारे कार्यों की सफलता के चलते पिछले तीन वर्ष में राज्य की जल संग्रहण क्षमता में 42,064 लाख घनफुट की बढ़ोतरी हुई है। सुजलाम सुफलाम जल अभियान के अंतर्गत हुए इन कार्यों और अच्छी बारिश के परिणामस्वरूप राज्य में विशाल जल संग्रहण होने से भूगर्भ जलस्तर भी ऊंचा उठा है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की प्रेरणा से शुरू हुए इस अभियान के कार्यों ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है और गुजरात के इस अभिनव प्रयोग की सराहना की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2020 में कोरोना की वैश्विक महामारी के बीच भी इस जल संग्रह अभियान के लिए राज्य सरकार के तंत्र को प्रोत्साहित करने पर 20 अप्रैल से 10 जून, 2020 तक केवल 51 दिनों की अल्पावधि में सुजलाम सुफलाम जल अभियान के तीसरे चरण के तहत 11,072 कार्य जनभागीदारी से और मनरेगा के तहत शुरू कर 30 लाख से अधिक मानव दिवस रोजगार सृजित किया गया था।
अब, इस अभियान का चौथा चरण 1 अप्रैल से 31 मई, 2021 के दौरान राज्यभर में आयोजित होगा। सुजलाम सुफलाम जल अभियान के कार्यों के तहत खुदाई से मिलने वाली मिट्टी का उपयोग आसपास चल रहे सरकारी कार्यों, किसानों के खेतों में तथा अन्य सार्वजनिक कार्यों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस मिट्टी के इस्तेमाल पर किसानों को कोई रॉयल्टी नहीं देनी होगी। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट दिशा-निर्देश भी दिए हैं कि सुजलाम सुफलाम जल अभियान-4 के कार्यों में कोविड-19 कोरोना वायरस के संदर्भ में सरकार द्वारा जारी निर्देशों एवं गाइडलाइन के अलावा भविष्य में भी इस संबंध में जारी किए जाने वाले निर्देशों का पालन करना होगा।

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