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कड़ाके की ठंड से कांपी देश की एक चौथाई आबादी

पुणे । देश इन दिनों कड़ाके की सर्दी से जूझ रहा है। लगभग 16 फीसदी जिले और 24 फीसदी आबादी शीतलहर के भारी खतरे में रहती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 13 मौसमी घटनाओं पर रिसर्च के बाद यह जानकारी दी है। क्‍लाइमेट हजार्ड्स एंड वल्‍नेरेबिलिटी एटलस के अनुसार, शीतलहर के खतरे वाले सबसे ज्‍यादा जिले उत्‍तर प्रदेश (75) में हैं। राजस्‍थान के 17 जिलों, बिहार के 14 जिलों, झारखंड और पंजाब के एक-एक जिले पर शीतलहर का खतरा रहता है। आईएमडी के एटलस के अनुसार, ज्‍यादातर आबादी को खतरा सूखे, शीतलहर और आंधियों जैसी मौसमी घटनाओं से है। उधर, घने कोहरे की वजह से पिछले कुछ दिनों में दिल्‍ली के भीतर उड़ानों पर असर पड़ा है। शनिवार को इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर 50 से ज्‍यादा उड़ानें लेट हुईं।
अाईएमडी की क्‍लाइमेट रिसर्च डिविजन के प्रमुख, पुलक गुहाठाकुरता के अनुसार 13 मौसम घटनाओं से आबादी को खतरा हैं। ये हैं – शीतलहर, लू, बाढ़, बिजली, बर्फबारी, धूल भरी आंधी, ओलावृष्टि, गरज, कोहरा, तेज हवाएं, अत्यधिक वर्षा, सूखा और चक्रवात। उन्‍होंने कहा कि दिसंबर में दिल्‍ली के ज्‍यादातर जिले और उत्‍तर प्रदेश के कुछ जिलों में घना कोहरा पड़ता है। जनवरी में दिल्‍ली के ज्‍यादातर जिले, यूपी और त्रिपुरा के कई जिलों, हरियाणा के कुछ जिले, पश्चिम बंगाल और मणिपुर कोहरे से सबसे ज्‍यादा प्रभावित रहते हैं।
आईजीआई एयरपोर्ट पर शनिवार को घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी 50-100 मीटर रह गई। इसकी वजह से 50 से ज्‍यादा फ्लाइट्स में देरी हुईं। हालांकि किसी फ्लाइट को डायवर्ट या कैंसिल किए जाने की सूचना नहीं है। रविवार सुबह भी घना कोहरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित उत्तर पश्चिमी भारत में अगले तीन दिनों तक कोहरा छाया रहेगा। आईएमडी के अनुसार कोहरे के अलावा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में ठंड से लेकर भीषण ठंड की स्थिति बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने आगे बताया कि एक और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में, 8-9 फरवरी के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में मध्यम वर्षा या बर्फबारी होने की संभावना है और इसी दौरान पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के उत्तरी हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर हल्की बारिश होने की भी संभावना है।

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