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जनता की जेब काटने का नया तरीका अपनाने की तैयारी में मोदी सरकार

नई दिल्ली । माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की अगले माह होने वाली बैठक में पांच प्रतिशत के कर स्लैब को समाप्त करने के प्रस्ताव पर विचार होने की संभावना है। इस बीच सोमवार को कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार अब जनता की जेब काटने का नया तरीका अपनाने की तैयारी कर रही है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘अब 1,50,000 करोड़ रुपये की कर वसूली की तैयारी! मोदी सरकार जीएसटी दर 5 प्रतिशत से 8 प्रतिशत बढ़ा कर अब लोगों की जेब काटने का नया तरीका तैयार कर रही है।’’
उन्होंने दावा किया कि जीएसटी दर बढ़ने से मसाले, तेल, चाय-कॉफ़ी, चीनी, मिठाई, कोयला, बायोगैस, किसान की खाद, जीवन रक्षक दवाइयां, 1000 रुपये तक के जूते-चप्पल, अगरबत्ती, बुजर्गों की छड़ी, सुनने की कान की मशीन, नेत्रहीनों की घड़ी, कालीन और कई अन्य वस्तुएं एवं सेवाएं महंगी होगी। सुरजेवाला ने कहा, जीएसटी दर बढ़ने से पहले ही लोग महंगाई के बोझ से कराह रहे हैं, थोक खुदरा महंगाई मार्च महीने में 14.55 प्रतिशत की अप्रत्याशित ऊंचाई छू रही है, पेट्रोल-डीजल-रसोई गैस-सीएनजी-पीएनजी ने कमर तोड़ दी है, नींबू-हरी मिर्च-सब्जी खाना सपना हो गया है, कितना और निचोड़ेगी देश की जनता को ये सरकार ?’’
गौरतलब है कि जीएसटी परिषद की अगले महीने होने वाली बैठक में पांच प्रतिशत के कर स्लैब को समाप्त करने के प्रस्ताव पर विचार हो रहा है। सूत्रों ने कहा कि इसके स्थान पर कुछ अधिक खपत वाले उत्पादों को तीन प्रतिशत और शेष को आठ प्रतिशत के स्लैब में डाला जा सकता है। ज्यादातर राज्य राजस्व बढ़ाने को लेकर एकराय रखते हैं, ताकि उन्हें मुआवजे के लिए केंद्र पर निर्भर नहीं रहना पड़े। फिलहाल जीएसटी में 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के चार कर स्लैब हैं। इसके अलावा, सोने और स्वर्ण आभूषणों पर तीन प्रतिशत कर लगता है।

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